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21 October, 2015

पांच किसान

एक कहानी जो आपके जीवन से जुडी है ।
ध्यान से अवश्य पढ़ें--
एक अतिश्रेष्ठ व्यक्ति थे
एक दिन उनके पास एक निर्धन आदमी आया और बोला की मुझे अपना खेत कुछ साल के लिये उधार दे दीजिये ,मैं उसमे खेती करूँगा और खेती करके कमाई करूँगा,
वह अतिश्रेष्ठ व्यक्ति बहुत दयालु थे
उन्होंने उस निर्धन व्यक्ति को अपना खेत दे दिया और साथ में पांच किसान भी सहायता के रूप में खेती करने को दिये और कहा की इन पांच किसानों को साथ में लेकर खेती करो, खेती करने में आसानी होगी,
इस से तुम और अच्छी फसल की खेती करके कमाई कर पाओगे।
वो निर्धन आदमी ये देख के बहुत खुश हुआ की उसको उधार में खेत भी मिल गया और साथ में पांच सहायक किसान भी मिल गये।
लेकिन वो आदमी अपनी इस ख़ुशी में बहुत खो गया,
और वह पांच किसान अपनी मर्ज़ी से खेती करने लगे और वह निर्धन आदमी अपनी ख़ुशी में डूबा रहा,
और जब फसल काटने का समय आया तो देखा की फसल बहुत ही ख़राब हुई थी , उन पांच किसानो ने खेत का उपयोग अच्छे से नहीं किया था न ही अच्छे बीज डाले ,जिससे फसल अच्छी हो सके |
जब वह अतिश्रेष्ठ दयालु व्यक्ति ने अपना खेत वापस माँगा तो वह निर्धन व्यक्ति रोता हुआ बोला की मैं बर्बाद हो गया , मैं अपनी ख़ुशी में डूबा रहा और इन पांच किसानो को नियंत्रण में न रख सका न ही इनसे अच्छी खेती करवा सका।
अब यहाँ ध्यान दीजियेगा-
वह अतिश्रेष्ठ दयालु व्यक्ति हैं -''मेरे सतगुरु"
निर्धन व्यक्ति हैं -"हम"
खेत है -"हमारा शरीर"
पांच किसान हैं हमारी इन्द्रियां--आँख,कान,नाक,जीभ और मन |
प्रभु ने हमें यह शरीर रुपी खेत अच्छी फसल(कर्म) करने को दिया है और हमें इन पांच किसानो को अर्थात इन्द्रियों को अपने नियंत्रण में रख कर कर्म करने चाहियें ,जिससे जब वो दयालु प्रभु जब ये शरीर वापस मांग कर हिसाब करें तो हमें रोना न पड़े।
🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

17 October, 2015

श्री गुरु ग्रंथ साहिब

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की खूबसूरत पंक्तियां :-
(Ek Onkar) - परमात्मा एक है।
(Satnam) - इसका नाम सत्य है।
(Kartaa Purakh)- यह पूरी दुनिया का निर्माता है।
(Nirbhau) - यह निडर है।
(Nirvair) - यह कभी किसी से नफरत नहीं करता।
(Akaal Murat) - यह समय से आगे है। यह अमर है।
(Ajooni) - यह न तो पैदा होता है और न ही मरता है।
(Saibhang) - न किसी ने इसको बनाया है।और न ही किसी ने इसे जन्म दिया। यह स्वयं समर्थ है।
(Gurparsad) - केवल सच्चा गुरु ही हमें इससे मिलने के लिए मदद कर सकता हैं।पूरा गुरू ही इसके दर्शन व दीदार करवा सकता है।

19 September, 2015

Smile increases value of face,
Anger spoils beauty of soul,
Faith is force of life,
Confidence is companion of success, So keep smiling.
love,Compassion, tolerance and acceptance is divine.

04 September, 2015

क्रोध सोमवार को आऐ तो बोलना सप्ताह की शुरूवात है आज नहीं करूगा ।
मंगल को आऐ तो बोलना मंगल में क्यों अमंगल कर रहा है।
बुध तो शुद्ध है इसे अशुद्ध मत कर।
गूरू को आऐ तो बोलना आज तो गुरू का दिन है, मन में शान्ति रखना है ।
शुक्र को तो शुक्रीया करना भगवान का ।
शनी को घर में शनीछर क्यों लाऐ  और रवी को तो छुट्टी का दिन है। क्रोध तेरा क्या काम है?

23 August, 2015

हर मुश्किल राँह मे जब आसान सफर लगता है
मुझे तो सिर्फ़ तेरी रहमतों का असर लगता है

ये दिल वीरान था एक सहरा बना हुआ
पर तेरी तस्वीर बैठा लूँ तो खाली दिल भी इक घर लगता है

तेरी मुस्कुराहट आँखों के सामने जब याद आती है
तो आसमाँ से भी ऊँचा मेरा सर लगता है

ज़माने के हर मोड़ पर फक़त ग़म है मिलते
तेरे आँचल मे सिमट जाँऊ तो प्यार का नगर लगता है

तेरा जलवा , तेरी सूरत हर तरफ है मौजूद
मुझे तो ये खुदा के दिवानों का शहर लगता है

ज्ञान का दीप जब से हैं मन मे जला
मेरी नज़रों में खुदा अब हर ब़शर लगता है

भूलकर भी दूर तुझसे हो ना जाँऊ दातार
क्योंकि हकीक़त का आईना मुझे ये तेरा दर लगता है.

हर मुश्किल राँह मे जब आसान सफर लगता है
मुझे तो सिर्फ़ तेरी रहमतों का असर लगता है

ये दिल वीरान था एक सहरा बना हुआ
पर तेरी तस्वीर बैठा लूँ तो खाली दिल भी इक घर लगता है

तेरी मुस्कुराहट आँखों के सामने जब याद आती है
तो आसमाँ से भी ऊँचा मेरा सर लगता है

ज़माने के हर मोड़ पर फक़त ग़म है मिलते
तेरे आँचल मे सिमट जाँऊ तो प्यार का नगर लगता है

तेरा जलवा , तेरी सूरत हर तरफ है मौजूद
मुझे तो ये खुदा के दिवानों का शहर लगता है

ज्ञान का दीप जब से हैं मन मे जला
मेरी नज़रों में खुदा अब हर ब़शर लगता है

भूलकर भी दूर तुझसे हो ना जाँऊ दातार
क्योंकि हकीक़त का आईना मुझे ये तेरा दर लगता है.

20 August, 2015

बुलंदी मिल नही सकती उन्हे जो फक्र
करते है,
बुलंदी है उसीकी जो खुदा का शुक्र
करते है।
"खुद"में "खुदा को" देखना "ध्यान" है
"दूसरों" में "खुदा को" देखना"प्रेम" है
खुदा को सबमें और सबमें खुदा को
देखना ज्ञान है......

Teacher vs Guru

A Teacher instructs you, a Guru constructs you. A Teacher sharpens your mind, a Guru opens your mind. A Teacher answers your question, a Gur...