हर मुश्किल राँह मे जब आसान सफर लगता है
मुझे तो सिर्फ़ तेरी रहमतों का असर लगता है

ये दिल वीरान था एक सहरा बना हुआ
पर तेरी तस्वीर बैठा लूँ तो खाली दिल भी इक घर लगता है

तेरी मुस्कुराहट आँखों के सामने जब याद आती है
तो आसमाँ से भी ऊँचा मेरा सर लगता है

ज़माने के हर मोड़ पर फक़त ग़म है मिलते
तेरे आँचल मे सिमट जाँऊ तो प्यार का नगर लगता है

तेरा जलवा , तेरी सूरत हर तरफ है मौजूद
मुझे तो ये खुदा के दिवानों का शहर लगता है

ज्ञान का दीप जब से हैं मन मे जला
मेरी नज़रों में खुदा अब हर ब़शर लगता है

भूलकर भी दूर तुझसे हो ना जाँऊ दातार
क्योंकि हकीक़त का आईना मुझे ये तेरा दर लगता है.

हर मुश्किल राँह मे जब आसान सफर लगता है
मुझे तो सिर्फ़ तेरी रहमतों का असर लगता है

ये दिल वीरान था एक सहरा बना हुआ
पर तेरी तस्वीर बैठा लूँ तो खाली दिल भी इक घर लगता है

तेरी मुस्कुराहट आँखों के सामने जब याद आती है
तो आसमाँ से भी ऊँचा मेरा सर लगता है

ज़माने के हर मोड़ पर फक़त ग़म है मिलते
तेरे आँचल मे सिमट जाँऊ तो प्यार का नगर लगता है

तेरा जलवा , तेरी सूरत हर तरफ है मौजूद
मुझे तो ये खुदा के दिवानों का शहर लगता है

ज्ञान का दीप जब से हैं मन मे जला
मेरी नज़रों में खुदा अब हर ब़शर लगता है

भूलकर भी दूर तुझसे हो ना जाँऊ दातार
क्योंकि हकीक़त का आईना मुझे ये तेरा दर लगता है.

बुलंदी मिल नही सकती उन्हे जो फक्र
करते है,
बुलंदी है उसीकी जो खुदा का शुक्र
करते है।
"खुद"में "खुदा को" देखना "ध्यान" है
"दूसरों" में "खुदा को" देखना"प्रेम" है
खुदा को सबमें और सबमें खुदा को
देखना ज्ञान है......

संत समागम दुरलभ

तात मिले,पुनि मात मिले,सुत भरात मिले युवती सुखदाई ,  राज मिेले,गज बाज मिले,सब साज मिले,मनवांछित फल पाई , लोक मिलें,सुर लोक मिलें,विधि लोक मिलें बैकुंठ को जाई, सुंदर और मिलैं सबही,पर संत समागम दुरलभ भाई.

काबिल तो नही
ये मुझको भी पता और तुझको भी

फिर भी
तेरे बंदे मुझे तेरा संत कह देते है।

""एक फूल भी अक्सर बाग सजा देता हैँ,
एक सितारा  संसार चमका देता हैँ,
जहाँ दुनिया भर के रिश्ते काम नही आते,
वहाँ मेरा सदगुरु जिन्दगी बना देता हैँ!

एक ही विषय पर 5 महान शायरों का नजरिया....
.
1- Mirza Ghalib :
"शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर,
या वो जगह बता जहाँ ख़ुदा नहीं।"
.
2- Iqbal
"मस्जिद ख़ुदा का घर है, पीने की जगह नहीं ,
काफिर के दिल में जा, वहाँ ख़ुदा नहीं।"
.
3- Ahmad Faraz
"काफिर के दिल से आया हूँ मैं ये देख कर, खुदा मौजूद है वहाँ, पर उसे पता नहीं।"
.
4- Wasi
"खुदा तो मौजूद दुनिया में हर जगह है,
तू जन्नत में जा वहाँ पीना मना नहीं।"
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5- Saqi
"पीता हूँ ग़म-ए-दुनिया भुलाने के लिए,
जन्नत में कौन सा ग़म है इसलिए वहाँ पीने में मजा नही।"

I believe in God, but not as one thing, not as an old man in the sky. I believe that what people call God is something in all of us. I believe that what Jesus and Mohammed and Buddha and all the rest said was right. It's just that the translations have gone wrong.

John Lennon

Eid

Eid

E = Ek ko jano
       Ek ko mano
        Ek ho jao

I = Iko noor sb mai hai

D = Dil me is ek                     ko basao

Aisi Eid har insan manaye
Or
is jivn ko sjaye

Dhan nirankar ji

शिकवा नहीं शुकराना सीख गए
तेरी संगत में खुद को झुकाना सीख गए।
पहले मायूस हो जाते थे कुछ ना मिलने पर
अब तेरी रजा़ में राजी़ होना सीख गए।

Forgiveness cannot change past but it very well enlarges future.

SATSANG
S-satsang
A-aana se
T-tension khatam hoti ha
S-sewa me mann lagta ha
A-aram milta ha
N-na koi problme hoti hai or na
G-gum